ऐसा करके वे माता से शांति की प्रार्थना कर सकते हैं. मिट्टी के बर्तन में जौ के बीज बोएं और नवमी तक प्रति दिन पानी का छिड़काव करें। * ऐसी बीमारियां जिनका इलाज संभव नहीं है, वह भी काली की पूजा से समाप्त हो जाती हैं। तांत्रिक अनुष्ठान: इस समय https://johnathanzyyef.blog4youth.com/40002568/getting-my-to-samajh-lijiye-shani-tatva-active-hai-to-work